1 Samumi

Diwali Essay In Hindi Font Kundli

दीवाली के दिन की विशेषता लक्ष्मी जी के पूजन से संबन्धित है. इस दिन हर घर, परिवार, कार्यालय में लक्ष्मी जी के पूजन के रुप में उनका स्वागत किया जाता है. दीवाली के दिन जहां गृहस्थ और वाणिज्य वर्ग के लोग धन की देवी लक्ष्मी से समृद्धि और वित्तकोष की कामना करते हैं, वहीं साधु-संत और तांत्रिक कुछ विशेष सिद्धियां अर्जित करने के लिए रात्रिकाल में अपने तांत्रिक कर्म करते हैं.

प्रदोष काल मुहूर्त


26 अक्टूबर 2011 में प्रदोष काल में स्थिर लग्न (वृ्षभ राशि)  रात्रि 18:46 से 20:41 बजे तक रहेगा। इसलिये रात 18:46 से 20:41 तक का प्रदोष काल विशेष रूप से श्री गणेश, श्री महालक्ष्मी पूजन, कुबेर पूजन, व्यापारिक खातों का पूजन, दीपदान, अपने सेवकों को वस्तुएं दान करने के लिये शुभ रहेगा. प्रदोष काल मंदिर मे दीप दान, रंगोली और पूजा की पूर्ण तयारी कर लेनी चाहिए. इसी समय मे मिठाई वितरण कार्य भी संपन्न कर लेना चाहिए. द्वार प़र स्वस्तिक और शुभ लाभ का सिन्दूर से निर्माण भी इसी समय करना चाहिए.



पूजा की सामग्री

  • 1. लक्ष्मी व श्री गणेश की मूर्तियां (बैठी हुई मुद्रा में)
  • 2. केशर, रोली, चावल, पान, सुपारी, फल, फूल, दूध, खील, बताशे, सिंदूर, शहद, सिक्के, लौंग.
  • 3. सूखे, मेवे, मिठाई, दही, गंगाजल, धूप, अगरबत्ती, 11 दीपक
  • 4. रूई तथा कलावा नारियल और तांबे का कलश चाहिए.

पूजा की तैयारी

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चौकी पर लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियाँ इस प्रकार रखें कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहें. लक्ष्मीजी,गणेशजी की दाहिनी ओर रहें. पूजनकर्ता मूर्तियों के सामने की तरफ बैठे. कलश को लक्ष्मीजी के पास चावलों पर रखें. नारियल को लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेटें कि नारियल का अग्रभाग दिखाई देता रहे व इसे कलश पर रखें. यह कलश वरुण का प्रतीक है.

लक्ष्मीजी की ओर श्री का चिह्न बनाएँ. गणेशजी की ओर त्रिशूल, चावल का ढेर लगाएँ. सबसे नीचे चावल की नौ ढेरियाँ बनाएँ. छोटी चौकी के सामने तीन थाली व जल भरकर कलश रखें. तीन थालियों में निम्न सामान रखें.

  • ग्यारह दीपक(पहली थाली में)
  • खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप  सिन्दूर कुंकुम, सुपारी, पान (दूसरी थाली में)
  • फूल, दुर्वा चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक. (तीसरी थाली में)

इन थालियों के सामने पूजा करने वाला स्व्यं बैठे. परिवार के सदस्य आपकी बाईं ओर बैठें. शेष सभी परिवार के सदस्यों के पीछे बैठे.

लक्ष्मी पूजन विधि

आप हाथ में अक्षत, पुष्प और जल ले लीजिए. कुछ द्रव्य भी ले लीजिए. द्रव्य का अर्थ है कुछ धन. यह सब हाथ में लेकर संकसंकल्प मंत्र को बोलते हुए संकल्प कीजिए कि मैं अमुक व्यक्ति अमुक स्थान व समय पर अमुक देवी-देवता की पूजा करने जा रहा हूं जिससे मुझे शास्त्रोक्त फल प्राप्त हो. सबसे पहले गणेश जी व गौरी का पूजन कीजिए.

हाथ में थोड़ा-सा जल ले लीजिए और आह्वाहन व पूजन मंत्र बोलिए और पूजा सामग्री चढ़ाइए. हाथ में अक्षत और पुष्प ले लीजिए और नवग्रह स्तोत्र बोलिए. अंत में महालक्ष्मी जी की आरती के साथ पूजा का समापन  कीजिये.

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P V Sindhu Biography In Hindi अभी हाल ही में चल रहे ओलंपिक गेम्स में हमारे देश भारत का नाम ऊँचा करने वाली बेटियों में से एक उभरता हुआ नाम हैं प्रोफेशनल बैडमिंटन प्लेयर : पी. वी. सिंधु. वह पहली भारतीय महिला हैं, जिन्होंने ओलंपिक सिल्वर मैडल  जीता हैं और इसी के साथ वे भारत की पांचवी महिला ओलंपिक मेडलिस्ट बन गयी हैं. अन्तराष्ट्रीय ओलंपिक इतिहास के में बारे में यहाँ पढ़ें.

पी वी सिंधु का जीवन परिचय 

P V Sindhu Biography In Hindi

नामपुसर्ला वेंकट सिंधु
जन्म5 जुलाई, 1995 [21 वर्ष]
जन्म स्थानहैदराबाद, तेलंगाना, भारत
पिता का नामपी. वी. रमण [पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी]
माता का नामपी. विजया [पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी]
भाई – बहनएक बहन – पी. वी. दिव्या
कॉलेजसेंट एन्न्स कॉलेज फॉर वोमेन, मेह्दीपटनम [MBA Pursuing]
निवासहैदराबाद, भारत
राष्ट्रीयता [Nationality]भारतीय
पेशा [Profession]अंतर्राष्ट्रीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी
ऊँचाई [Height]1.79 मीटर [5 फीट, 10.5 इंच]
वजन [Weight]65 किलोग्राम [143 lb]
हाथ का इस्तेमाल [Handedness]दांया हाथ [Right Hand]
कोचपुलेला गोपीचंद [Pullela Gopichand]
सर्वोत्तम स्थान [Highest Ranking]9 [13 मार्च, 2014]
वर्तमान स्थान [Current Ranking]10 [7 अप्रैल, 2016]

पी. वी. सिंधु का बचपन और शुरूआती प्रशिक्षण [Childhood and Early Training of P. V. Sindhu] -:

पुसर्ला वेंकट सिंधु का जन्म 5 जुलाई, 1995 को हुआ. उनके पिता का नाम पी. वी. रमण हैं और उनकी माता पी. विजया हैं. उनके माता और पिता दोनों ही हमारे देश के पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं. उनकी एक बहन भी हैं, जिसका नाम पी. वी. दिव्या हैं. वर्ष 2000 में उनके पिता पी. वी. रमण को उनके खेल के लिए अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया था. अतः उनकी खेल में रूचि होने का कारण तो स्पष्ट हैं कि उन्होंने अपने घर में ही इस प्रकार का माहौल देखा. परंतु वे अपने माता – पिता के खेल क्षेत्र वॉलीबॉल के प्रति आकर्षित नहीं हुई, बल्कि उन्होंने बैडमिंटन को चुना. इसके पीछे यह कारण था कि वे पुलेला गोपीचंद [Pullela Gopichand] की सफलता से बहुत प्रभावित थी, जो वर्ष 2001 में आल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियन थे. तभी सिंधु ने भी मात्र 8 वर्ष की उम्र से ही बैडमिंटन खेलना प्रारंभ कर दिया.

शुरूआती प्रशिक्षण [Initial Trainings] -:

सिंधु ने बैडमिंटन सीखने की शुरुआत सिकंदराबाद में इंडियन रेल्वे इंस्टिट्यूट ऑफ़ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्यूनिकेशन में मेहबूब अली की देखरेख में की. इसके बाद उन्होंने पुलेला गोपीचंद [Pullela Gopichand] की बैडमिंटन अकादमी में दाखिला लिया. उनके कोच पुलेला गोपीचंद के अनुसार, “सिंधु के व्यक्तित्व की सबसे खास बात यह हैं कि वे कभी भी हार नहीं मानती और कोशिश करती रहती हैं.” द हिंदू के अनुसार, “कोचिंग कैंप उनके घर से 56 किलोमीटर दूर होने के बावजूद भी वे रोज समय पर आती थी, इससे उनके खेल के प्रति समर्पण का भी पता चलता हैं.”

इस दौरान उन्होंने कई प्रतियोगिताएं जीती, जिनका वर्णन निम्न लिखित तालिका में दिया जा रहा हैं -:

क्रमांकवर्ग [Category]प्रतियोगिता का नाम [Name of Competetion]
1.अंडर 10 ईयर केटेगरी5th सर्वो आल इंडिया रैंकिंग चैंपियनशिप इन डबल्स केटेगरी
सिंगल्स टाइटल एट अंबुजा सीमेंट आल इंडिया रैंकिंग
2.अंडर 13 ईयर केटेगरीसिंगल्स टाइटल एट सब – जूनियर इन पोंडिचेरी
डबल्स टाइटल एट कृष्णा खेतान आल इंडिया टूर्नामेंट
IOC आल इंडिया रैंकिंग
सब – जूनियर नेशनल एंड आल इंडिया रैंकिंग इन पुणे
3.अंडर 14 टीमभारत के 51वें नेशनल स्कूल गेम्स में गोल्ड मैडल

करियर [Career] -:

अपनी छोटी – सी उम्र में ही सिंधु ने बड़ी सफलता हासिल की हैं. उनके करियर के बारे में वर्ष के अनुसार विवरण निम्नानुसार हैं -:

वर्ष 2009 में कोलोंबो में आयोजित सब – जूनियर एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिंधु अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रोंज [कांस्य] मेडलिस्ट रहीं.

वर्ष 2010 में ईरान फज्र इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज में सिंगल्स केटेगरी में उन्होंने सिल्वर मैडल जीता. इसी वर्ष मेक्सिको में आयोजित जूनियर वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिंधुक्वार्टर फाइनल तक पहुँची. वर्ष 2010 में ही वे उबर कप में वे इंडियन नेशनल टीम की टीम मेम्बर भी थी.

वर्ष 2012 -:

  • 14 जून, 2012 को जर्मनी की Juliane Schenk से इंडोनेशिया ओपन में हार का सामना करना पड़ा.
  • 7 जुलाई, 2012 को उन्होंने जापानी खिलाड़ी Nozomi Okuhara को फाइनल में हराया और एशिया यूथ अंडर 19 चैंपियनशिप जीती.
  • चाइना मास्टर सुपर सीरीज़ टूर्नामेंट में लंदन 2012 में चाइना की ओलंपिक्स गोल्ड मेडलिस्ट Li Xuerui को हराकर सबको चौंका दिया.
  • इस वर्ष वे अपने खेल प्रदर्शन के द्वारा अपने करियर की बेस्ट रेंकिंग 15 पर पहुँच गयी थी.

वर्ष 2013 -:

  • इस वर्ष सिंधु ने चाइनीज़ खिलाड़ी Wang Shixian को वर्ल्ड चैंपियनशिप में हराया और भारत की वोमेन्स सिंगल की पहली मेडलिस्ट बनी.
  • अपने बेहतरीन खल प्रदर्शन के लिए उन्हें इस वर्ष भारत सरकार द्वारा अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया.

वर्ष 2014 -:

  • Glasgow Commenwealth Games में वोमेन्स सिंगल में सेमीफाइनल स्टेज तक पहुँचने के बाद वे हार गयी.
  • वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में लगातार 2 मैडल जीतने पर उन्होंने इतिहास रच दिया और वे ऐसी पहली भारतीय बनी.

वर्ष 2015 -:

  • नवंबर, 2015 में मकाऊ ओपन ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड में अपना तीसरा वोमेन्स सिंगल्स जीता.

वर्ष 2016 -:

  • इस वर्ष की शुरुआत में ही अर्थात् जनवरी, 2016 में मलेशिया मास्टर्स ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड वोमेन्स सिंगल जीता.
  • प्रीमियर बैडमिंटन लीग में चेन्नई समशेर टीम की सिंधु कप्तान बनी और 5 मैच जीते और टीम को सेमीफाइनल में पहुँचाया, परन्तु यहाँ उनकी टीम देल्ही एसर्स से हार गयी.
  • अपने क्वार्टर फाइनल मैच में उन्होंने विश्व की नंबर 2 खिलाड़ी Wang Yihan को हराया.
  • 18 अगस्त, 2016 को 2016 समर ओलंपिक्स में जापान की Nozomi Okuhara को वोमेन्स सिंगल में हराया.
  • सिंधु ने सिल्वर मैडल जीता और वे देश की सबसे कम उम्र वाली मैडल विजेता खिलाड़ी बनी.

उपलब्धियाँ [Achievements] -:

  • इंडिविजुअल टाइटल्स [Individual Titles] -:
क्रमांकवर्षटूर्नामेंटफाइनल में प्रतियोगी [Opponent in final]स्कोर [Score]
1.2011इंडोनेशिया इंटरनेशनलFransisca Ratnasari21 – 16,

21 – 11

2.2013मलेशिया मास्टर्सGu Juan21 – 17,

17 – 21,

21 – 19

3.2013मकाऊ ओपनMichelle Li21 – 15,

21 – 12

4.2014मकाऊ ओपनKim Hyo-Min21 – 12,

21 – 17

5.2015मकाऊ ओपनMinatsu Mitani21 – 9,

21 – 23,

21-14

6.2016मलेशिया मास्टर्सKirsty Gilmour21 – 15,

21 – 9

  • इंडिविजुअल रनर – अप [Individual Runners-up] -:
क्रमांकवर्षटूर्नामेंटफाइनल में प्रतियोगी [Opponent in final]स्कोर [Score]
1.2011डच ओपनYao Jie16 – 21,

17 – 21

2.2012सयेद मोदी इंटरनेशनलLindaweni Fanetri15 – 21,

21 – 18,

18 – 21

3.2014सयेद मोदी इंटरनेशनलSaina Nehwal14 – 21,

17 – 21

4.2015डेनमार्क ओपनLi Xuerui19 – 21,

12 – 21

5.2016साउथ एशियन गेम्सGadde Ruthvika Shivani11 – 21,

20 – 22

6.2016ओलंपिक्सCarolina Marin21 – 19,

12 – 21,

15 – 21

करियर ओवरव्यू [Career Overview] -:

सिंगल्स [Singles]खेले गये मैचों को संख्या [Played]जीते गये मैच [Wins]हारे हुए मैच [Losses]बैलेंस [Balance]
कुल27018486+98
इस वर्ष [2016]362313+10
डबल्स [Doubles]खेले गये मैचों को संख्या [Played]जीते गये मैच [Wins]हारे हुए मैच [Losses]बैलेंस [Balance]
कुल1798+1
इस वर्ष [2016]532+1
क्रमांकइवेंटवर्षपदक
1.समर ओलंपिक्स2016सिल्वर
2.कामनवेल्थ गेम्स2014ब्रोंज
3.कामनवेल्थ यूथ गेम्स2011गोल्ड

सम्मान [Honors] -:

राष्ट्रीय सम्मान [National]-:

  • पद्म श्री, द यूथ हाईएस्ट सिविलियन अवार्ड ऑफ़ इंडिया [वर्ष 2015],
  • अर्जुन अवार्ड [2013].

अन्य सम्मान [Others] -:

  • FICCI ब्रेकथ्रू स्पोर्ट्स पर्सन ऑफ़ द ईयर 2014,
  • NDTV इंडियन ऑफ़ द ईयर 2014,
  • वर्ष 2015 में मकाऊ ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने के बाद बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की ओर से 10 लाख रूपये दिए गये.
  • वर्ष 2016 में मलेशिया मास्टर्स में जीतने के बाद बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की ओर से 5 लाख रूपये दिए गये [वर्ष 2016 के रिओ ओलंपिक में जीतने पर.]
  • ओलंपिक पार्टिसिपेंट के रूप में क्वालीफाई करने पर अभिनेता सल्मान खान की ओर से 1.01 लाख रूपये प्रदान किये गये. सलमान खान जीवन परिचय यहाँ पढ़ें|

इस प्रकार सिंधु ने विभिन्न प्रतियोगिताएं जीतकर स्वयं तो सफलता हासिल की ही हैं, साथ ही अपने देश भारत का नाम भी विश्व में रोशन किया हैं. हम उनकी सफलताओं के लिए बधाई देते हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं.

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Ankita

अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|

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